बाबर के चरित्र की विशेषता
(1) बाबर को कलम और तलवार दोनों का सिपाही कहा जाता था।
(2) सैनिक कार्यो के साथ - साथ वह साहित्य के प्रति भी रूचि रखता था। उसे तुर्की ,फारसी और साहित्य का अच्छा ज्ञान था।
(3) बाबर स्वयं भी उच्च कोटि का साहित्यकार था। उसने अपनी आत्म कथा लिखी थी जिसके फारसी अनुवाद को बाबरनामा कहते हैं।
(4) बाबर को बगीचों का बहुत शौक था।उसने आगरा तथा लाहौर के आस - पास कुछ बाग बागीचे भी लगवाये थे।
(2) सैनिक कार्यो के साथ - साथ वह साहित्य के प्रति भी रूचि रखता था। उसे तुर्की ,फारसी और साहित्य का अच्छा ज्ञान था।
(3) बाबर स्वयं भी उच्च कोटि का साहित्यकार था। उसने अपनी आत्म कथा लिखी थी जिसके फारसी अनुवाद को बाबरनामा कहते हैं।
(4) बाबर को बगीचों का बहुत शौक था।उसने आगरा तथा लाहौर के आस - पास कुछ बाग बागीचे भी लगवाये थे।
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